जमीन पर बैठकर ही क्यों खाना चाहिए खाना?

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वर्तमान युग में हर कोई व्यक्ति किसी न किसी बीमारी चाहे वो छोटी हो या बड़ी पीड़ित है। इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हमने अपने शरीर को हावी कर लिया है जो कई बीमारियो का कारण बन जाती है.जिसके परिणाम हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है.जमीन पर बैठकर खाने की परंपरा हमारे पूर्वजों से चली आ रही है.जमीन पर बैठ कर खाना खाने से हम बहुत सी बीमारियों से बच जाते है और हमारा स्वास्थ्य भी सही रहता है.आईये हम जानते है कि जमीन पर बैठकर खाने से क्या फायदे होते है।
पाचनक्रिया सुधरती है।
जमीन पर बैठकर खाने से बिमारी पाचनशक्ति सही रहती हज। जिस प्रकार हम जमीन पर बैठते है वह सुखासन होता है यह एक प्रकार से खाना पचाने की मुद्रा होती है. जा। हम इस मुद्रा में बैठते है तो पेट से संबंधित बीमारियां बहुत ही कम होती है.और जब हम खाना खाने के लिए आगे झुकते है तो हमारी मासपेशियां आगे पीछे होती है जिससे वे सक्रिय हो जाती है जिससे हमारे पेट का एसिड अम्ल बढ़ता हैऔर खाना पचाने में आसानी होती है.

वजन नियंत्रण में होता है.

खाना खाने के लिए नीचे बैठते है तो सुखासन की मुद्रा होने के कारण हमारा दिमाग शांत रहता है और हमारा पूरा ध्यान खाने पर केंद्रित रहता है जिससे हमारे दिमाग और पेट दोनों को पता चलता है कि हमारा खाना हो चुका है और हम ज्यादा खाने से बच जाते है जिससे हमारा वजन नियंत्रित रहता है.

जल्दी बुढापा नही आता.
आपको बता दे कि सुखासन मे बैठने से हमारे रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है जिससे हमें कमरदर्द ,पीठदर्द जैसी समस्याओं का सामना नही करना पड़ता और हम जल्दी बूढे नही होते.

खाने पर ध्यान केंद्रित रहता हैं.
इस मुद्रा में बैठने से हमारा ध्यान एक ही जगह केंद्रित रहता और मन भी शांत चित्त केवल भोजन की तरफ ध्यान देता है.

शरीर एकदम लचीला हो जाता है.
हम जिस क्रिया में बैठते है वह एक तरह से पद्मासन भी होता है जिससे हम सीधे बैठते है और हमारी पीठ भी सही रहती जिससे हमारे शरीर मे लचीलापन आ जाता हैं. और हमे के तरह के दर्द से बचाता है.

उम्र बढ़ती है.
जब हम खाना खाने के लिए पद्मासन या फिर सुखासन में बैठते है तो हमारे शरीर मे लचीलेपन के साथ उसकी सायु क्षमता भी बढ़ती है जो हमारी उम्र को बढ़ाने में मदद करती है.


जब हम सुखासन में खाना खाने बैठते है तो हमारा दिमाग शांत होता है जिससे दिमाग की मांसपेशीया मजबूत होती है और हमारा दिमाग की क्षमता भी बढ़ती है.

पारिवारिक प्यार भी बंधा रहता हूं.
जब नीचे बैठकर खाते है तो हम एक परिवार के साथ होते है जिससे हम एक साथ खाना खाने बैठते है आपसी संबंध भी अच्छे होते है और परिवार में प्यार भी बना रहता है.

हमारा दिल भी मजबूत होता है.
जब हम नीचे खाना खाने बैठते है तो हमारा रक्तसंचार बहुत तेजी से होता है जिससे यह पाचनक्रिया से पूरे शरीर मे पहोचता है बहुत ही अच्छा होता है. यदि हम कुर्सी पर बैठकर खाना खायेंगे हमारा रक्तसंचार केवल पैरो तक ही पहुचेगा जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक है.

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