National Anti Crime & Human Rights Council Of India W.Champaran Chairman Ahmad Rza द्वारा अंतराष्ट्रिय मजदूर दिवस के अवसर पर मजदूरों को इसके बारे मे बताया ।

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दुनियाभर के श्रमिक जीवित रहने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। एक विशेष दिन उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प को मनाने के लिए समर्पित किया गया है। श्रम दिवस दुनिया भर के विभिन्न देशों में मनाया जाता है। जैसे:-श्रम दिवस 1 मई को भारत, घाना, लीबिया, नाइजीरिया, चिली, मैक्सिको, पेरू, उरुग्वे, ईरान और जॉर्डन जैसे कई देशों में मनाया जाता है। यह दिन मजदूरों और श्रमिकों को समर्पित है।यह एक ऐसा दिन है जो विशेष रूप से श्रम वर्ग को समर्पित है। हालांकि इसके विपरीत कई अन्य दिनों की तरह जैसे हम इसे मनाते हैं इस दिवस की उत्पत्ति इतनी आसानी से नहीं हुई है।

यह सब औद्योगीकरण में वृद्धि के साथ शुरू हुआ। उद्योगपतियों ने श्रम वर्ग का शोषण किया। उन्होंने श्रमिकों से बहुत अधिक काम लिया लेकिन बदले में उन्हें बहुत कम पैसे दिए। कठिन परिस्थितियों में मजदूरों को दिन में 10-15 घंटे काम करवाया गया। जो लोग रासायनिक कारखानों, खानों और अन्य इसी तरह के स्थानों में काम करते थे उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। इनमें से बहुत से लोग बीमार पड़ गए और कई अन्य लोगों ने ऐसी परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करते हुए अपना जीवन गंवा दिया।

आखिरकार उन्होंने एकजुट होकर इस अत्याचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाने के लिए साहस जुटाया। उस समय के आसपास ट्रेड यूनियन बनाने और हड़ताल पर जाने को भी कई देशों में अवैध माना जाता था। हालांकि जैसा कि यह अपनी नौकरी को खतरे में डालने के बराबर था तो कई मजदूरों ने आगे आकर इस अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन किया। ट्रेड यूनियनों का गठन हुआ और श्रमिक हड़ताल पर चले गए। उन्होंने रैलियों और विरोध प्रदर्शन भी किए। आखिरकार सरकार ने उनकी याचिका की सुनवाई करी और कामकाजी घंटों की संख्या 8 घंटे कर दी। इस वर्ग by के प्रयासों को मनाने के लिए एक विशेष दिन भी स्थापित किया गया था। श्रम दिवस की तारीख हर देश के हिसाब से भिन्न-भिन्न होती है।

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