पोलियो क्या है?

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सौजन्य:-गूगल

अक्सर हम देखते है पोलियो डोज़ बच्चों कोपिलाने के लिए सरकार ने अभियान निकाले है। सरकार हर तरह से चाहे वो टीवी हो या अखबार स्टेशन ,स्कूल, सड़क, दीवारे हर जगह सरकार ने बच्चो को पोलियो का डोज़ पिलाने के लिए जागरुक कर रही है। जिसकी प्रतिकारक क्षमता जीवन भर रहती है। अब आप सोच रहे होंगे कि पोलियों डोज़ में ऐसा क्या है और क्या है ये पोलियो

पोलियो क्या है?

सबसे पहले तो हम पोलियो के बारे में जानेंगे कि पोलियो है क्या। पोलियो एक ऐसा विषाणु रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रमित द्वारा एवं खाने के माध्यम से फैलता है। जो खासतौर पर बच्चों में पाया जाता है। जिसमे बच्चे अपाहिज या यूं कहें लकवाग्रस्त हो जाता है।जो कभी पूरी तरह स ेठीक हो पाना मुश्किल होता है।

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पोलियो होने का कारण
इसका मुख्य कारण होता है विष्णु जो मूत्र, खाने की जगह मैं सफाई, मल ,कफ, दूषित पानी, दूषित खाद्यपदार्थ जिससे यह रोग होता है। यह रोग दो से पाँच साल के बच्चों में अधिक पाया जाता है।अक्सर बचपन मे जिस बच्चे को टांसिल की तकलीफ रहती है उसे भी यह रोग होने की आशंका रहती है।

 

पोलियो के लक्षण

इसमें बच्चे को चिड़चिड़ापन , हल्का बुखार, उल्टी होना, डायरिया, पेट मे दर्द, गले मे दर्द, सिरदर्द आदि लक्षण होते है। अक्सर पोलियो के लक्षण समझ मे भी नही आते क्योंकि हम इसे वायरल समझ कर अनसुना कर देते है।

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पोलियो का उपचार

इसके लिए पोलियो का वेक्सीन दिया जाता है। जिससे बच्चे को इस रोग से लड़ने की प्रतिकारक क्षमता मिलती रहे।
और सरकार भी इसपर बहुत सारे काम कर रही है जिससे लोग इसके प्रति जागरूक हो रहे है। सरकार विज्ञापनों द्वारा लोगो को पोलियो डोज़ पीने के लिए जागरूक कर रही है। खैर आप सभी अब निवेदन है कि अपने बच्चे को पोलियो का टीका जरूर लगाएं एवं उसे 5 पांच साल होने तक पोलियो अवश्य पिलाये। ताकि हम और हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित एवं निरोगी हो।

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