मंत्री हो या आम आदमी चोरी करने वाले को सजा मिलनी चाहिए – संजय निरुपम

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मंत्री हो या आम आदमी चोरी करने वाले को सजा मिलनी चाहिए - संजय निरुपम

मुंबई: गोरेगांव चेकनाका के पास विधायक रविंद्र वायकर द्वारा बनाए गए ज़िमखाना के ख़िलाफ़ मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने दिनांक 19/08/2016 को महाराष्ट्र के लोकायुक्त के लिखित शिक़ायत कर मुकदमा दर्ज कराए थे। इसी सिलसिले में आज संसद संजय निरुपम लोकायुक्त के दफ़्तर पहुंचे।

पेशी के बाद निरुपम ने पत्रकारों से बात की और कहा कि मंत्री रविंद्र वायकर अब पीछे हट रहे हैं। इस ज़िमखाना को बचाने के लिए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और म्हाडा पर दबाव बनाया । निरुपम ने बताया कि वायकर ने लिखित तौर पे म्हाडा से कहा है कि ज़िमखाना को अपने संरक्षण में ले ले, हालांकि म्हाडा ने इसे अपने संरक्षण में लेने से मना कर दिया है। निरुपम ने जानकारी दी कि, अगले महीने की तीन तारीख़ को अंतिम पेशी है जिसमे वायकर पर केस दर्ज करने का आदेश दे दिया जाएगा।

बता दे कि, यह ज़िमखाना शिवसमर्थ शिक्षण प्रसारक संस्था के अधीन है। जिसके ट्रस्टी मंत्री रविंद्र वायकर हैं और इस संस्था की ट्रेजरर मंत्री वायकर की धर्मपत्नी हैं। निरुपम के अनुसार मंत्री वायकर ने यह स्वीकार किया है कि यह अनाधिकृत्य ज़िमखाना उन्होंने बनाया है। इस पर लोकायुक्त से निरुपम ने मांग की है कि अब वायकर के ऊपर केस दर्ज करके मुक़दमा चलाया जाए और उन्हें उनके किये की सजा मिले।

पत्रकारों ने जब निरुपम से यह पूछा कि इस मामले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की अब क्या भूमिका होनी चाहिए तो संजय निरुपम ने कहा कि, सदन में जब इस मामले को उठाया गया तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में कार्यवाही करने के बजाय सदन में कहा कि ऐसे 3000 और अनाधिकृत्य बांधकाम है जिन्हें अधिकृत्य करने के बारे में सरकार सोच रही है। इससे यह साबित होता है कि यह कार्य मुख्यमंत्री के सह्य में हुआ। निरुपम ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा की ऐसे मुख्यमंत्री किसी राज्य के होतो उसका बंटा धार है।

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