सुख सुविधाओं से वंचित कूरेभार

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विकास व सुख सुविधाओं से कोसो दूर कूरेभार कस्बा-

विकास खण्ड कूरेभार ,जनपद सुल्तानपुर से चंद कदम की दूरी उत्तर दिशा में  स्थिति है इस कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पशु अस्पताल,बाल विकास परियोजना कार्यालय आदि होने के बावजूद क्षेत्र की नालिया में पानी और कूड़े से बजबजा रही है और इस कस्बे की सड़क की दशा यह है कि चौराहे से सेमरी जाने वाली सडक़ और वही दूसरे मार्ग की ओर जाने वाली सड़क दोनो की स्थिति यह है कि सड़क गढ्ढे में गढ्ढा सड़क तब्दील है। इसे मुक्त करने के लिए गढ्ढो में ईट के बुरादे भी डाले गये लेकिन इससे सड़क की स्थिति में कोई सुधार नही दिखा औऱ आज भी इसकी स्थिति जस की तस है।

इलाहाबाद-फैजाबाद नेशनल हाइवे पर मौजूद है कूरेभार कस्बा यहाँ से भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या तक बसों से जाने का मुख्य मार्ग है जिससे इस कस्बे से श्रद्धालु आते है, आलम  यह है कि कूरेभार में खुदा न खास्ता किसी की गाड़ी खराब हो जाये तो यहा पर ठीक नही हो सकती है क्योकि कस्बे में रात्रि विश्राम की ब्यवस्था नही है न ही कोई होटल है। ऐसे में श्रद्धालुओ को विश्राम के लिए केवल फैजाबाद ही एक साधन है।

कूरेभार कस्बे से  प्रतिदिन सैकड़ो की तादात में छात्र – छत्राए व नौकरी करने वाले व्यक्ति सुबह-शाम गाड़ियों के इंतजार में घंटो खड़े रहते है। क्षेत्र में शौचालय की भी कोई समुचित व्यवस्था नही है।

इसी विकास की कड़ी में अगर अतिक्रमण पर एक नजर डाले तो शासन -प्रशासन लाख दावे करती है कि कूरेभार कस्बा अतिक्रमण मुक्त है लेकिन हर सड़क चाहे वह धसनपतगंज रोड़ हो या फिर सेमरी जाने वाला मार्ग हो या फिर कहे की कूरेभार में बने हर सड़क के  किनारे बास बल्ली,मोरंग , डग्गामार वाहनों को सड़को
खड़ाकर ,गुमटी रखकर,ठेला लगाकर धड़ल्ले से बेखौफ अतिक्रमण किया गया है।

इस प्रकरण के बारे में संतोष वर्मा पुत्र स्व.राम बहादुर वर्मा निवासी सेईया लोकेपुर का बताते है कि आज भी कूरेभार अतिक्रमण पर अंकुश न के बराबर है और जिसके कारण आये दिन घटनाएं घटित होती रहती है आज भी कूरेभार कस्बा सुख सुबिधाओं से वंचित है। विकाश खण्ड कूरेभार के अंतर्गत रामशंकर जुड़ापट्टी(डणवा) का कहना है कि कूरेभार कस्बे में शौचालय न होने के कारण पुरुषों औऱ महिलाओ को काफी परेशानियां होती है वही कूरेभार क्षेत्र के मिस्त्री धर्मेंद्र का कहना है कूरेभार कस्बे से चंद कदम की दूरी पर रेलवे स्टेशन है जो अंग्रजो के जमाने का है लेकिन इस रेलवे मार्ग से गिनी चुनी ही गाड़िया जाती है जिसके कारण आमजनमानस को इन गाड़ियों को पकड़ने के लिए दूर जाना पड़ता है।

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