महात्मा गांधी पर्यटन ट्रेन’ (आस्था स्पेशल) को हरी झंडी

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मुंबई : रेल मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तथा गुजरात राज्य के मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी द्वारा साबरमती रेलवे स्टेशन से शनिवार, 17 जून, 2017 को ‘महात्मा गांधी पर्यटन ट्रेन’ (आस्था स्पेशल) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस अवसर पर रेल मंत्री ने कहा कि, यह हमारे राष्ट्र के लिए गर्व की बात है कि इंडियन रेलवे कैटरिग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड तथा टूरिज्म कॉर्पोरेशन ऑफ गुजरात ने साबरमती आश्रम तथा चम्पारण सत्याग्रह की शताब्दी के पावन अवसर पर आस्था स्पेशल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। साबरमती स्टेशन पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी ने उद्घाटन समारोह को सम्बोधित किया। इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। मुंबई के बांद्रा (पश्चिम) स्थित रेलवे अधिकारी क्लब में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ए.के.गुप्ता ने माननीय रेल मंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर मुंबई सेंट्रल मंडल के रेल प्रबंधक मुकुल जैन तथा पश्चिम रेलवे के अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी

बता दें कि, आस्था स्पेशल पर्यटन ट्रेन 9 रातों और 10 दिनों की एक टूर पैकेज यात्रा है, जो 17 जून की सुबह 8 बजे से शुरू होकर 26 जून, 2017 को सुबह 7 बजे समाप्त होगी। इस टूर पैकेज का शुल्क प्रति व्यक्ति 8720 रु. है तथा इसमें ठहरने की व्यवस्था, भोजन, दर्शनीय स्थलों तक आने-जाने हेतु बसें, उद्घोषणा तथा जानकारी हेतु टूर एस्कॉर्ट तथा सभी डिब्बों में सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम शामिल हैं। यह ट्रेन 17 जून, 2017 को सुबह 8 बजे साबरमती से अपनी यात्रा शुरू करके अपनी आगे की यात्रा में आणंद, वडोदरा, भरूच तथा सूरत स्टेशनों से यात्रियों को साथ लेगी। अगले दिन वर्धा से दर्शनीय स्थलों के दौरे की शुरूआत होगी, जहाँ महात्मा गांधी 1934 से रहे तथा प्रसिद्ध सेवाग्राम आश्रम की स्थापना की। यहीं से सत्याग्रह आन्दोलन की शुरूआत भी हुई। इसके पश्चात ट्रेन बेतिया/मोतिहारी की ओर आगे बढ़ेगी, जहाँ एक गांधी संग्रहालय तथा कुछ ऐतिहासिक स्मारक हैं। छठें दिन ट्रेन गया पहुँचेगी, जहाँ प्रसिद्ध बोध गया महाबोधि मंदिर के दर्शन कराये जायेंगे। 7 वें दिन यह ट्रेन वाराणसी पहुँचेगी, जिसे एक पवित्र नगरी माना जाता है। इस दिन यात्रियों को सारनाथ तथा विश्वनाथ मंदिर के साथ साथ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के भी दर्शन कराये जायेंगे। इसके अगले दिन यह ट्रेन इलाहाबाद पहुँचेगी, जहाँ से यात्रियों को संगम तथा आनंद भवन के दर्शन कराये जायेंगे। यह वही शहर है, जहाँ से वर्ष 1920 में असहयोग आन्दोलन की शुरूआत की गई थी। भारत के कई महान नेता एवं क्रांतिकारी इस शहर से सम्बंध रखते थे। 9 वें दिन से यह ट्रेन वापसी यात्रा में साबरमती की ओर अपनी यात्रा प्रारम्भ करेगी।

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