जल्द हो सकता है योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल , इनका बढ़ सकता है कद और ये हो सकते हैं नए चेहरे

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Report by Ravi Verma

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल का समय नजदीक आ गया है। पुराने इन मंत्रियों को अतिरिक्त विभाग देकर कद बढ़ाया जाएगा लेकिन समायोजन औऱ कद बढ़ाने में सबसे बड़ी कसौटी संगठन के प्रति निष्ठा मानी जा रही है। आगरा। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल का समय नजदीक आ गया है। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले संभावित इस फेरबदल में कुछ नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जाएगी तो कुछ पुरानों को इनाम। विधायकों के अनुभव व काम काज और जिले के जातीय समीकरण के आधार पर नए चेहरों को समायोजित किया जाएगा। इसके साथ ही योगी कैबिनेट के जिन मंत्रियों ने काम अच्छा किया है उनको कुछ अतिरिक्त विभाग देकर कद बढ़ाया जाएगा लेकिन समायोजन औऱ कद बढ़ाने में सबसे बड़ी कसौटी संगठन के प्रति निष्ठा मानी जा रही है।

ब्रज को बढ़त मिलना तय

योगी सरकार के संभावित फेरबदल में ब्रज को बढ़त मिलना तया है यानी कि ब्रज में जहां मंत्रियों की संख्या बढ़ेगी वहीं ब्रज के एक बड़े मंत्री का कद और बढ़ने जा रहा है। अब तक ब्रज के प्रशासनिक दृष्टि से 12 और भारतीय जनता पार्टी के सांगठनिक दृष्टि से 16 जिलों मेंं कुल सात मंत्री हैं और बोर्ड-आयोग में पांच लोग हैं।

अभी ये हैं मंत्री

फिलहाल मथुरा-वृंदावन सीट से विधाायक श्रीकांत शर्मा (ऊर्जामंत्री), टूंडला विधानसभा से विधायक एसपी सिंह बघेल (पशुपालन एवं मत्स्य), मथुरा से लक्ष्मीनरायण चौधरी (धर्मार्थ एवं दुग्ध विकास), बरेली से राकेश अग्रवाल (वित्तमंत्री), धर्मपाल सिंह (सिंचाई), सुरेश खन्ना (नगर विकास) मंत्री हैं। इनके अलावा बीएल वर्मा पीलीभीत, तेजवीर सिंह मथुरा, रघुराज सिंह अलीगढ़ को बोर्ड-आयोग के चेयरमैन के तौर पर समायोजित किया है।

ये जिले हैं खाली

ब्रज में फिलहाल छह जिलों में मंत्री नहीं हैं।आगरा, मैनपुरी, एटा, कासगंज, पीलीभीत औऱ हाथरस से अभी कोई मंत्री नहीं है। इन जिलों से नए चेहरे को मौका मिल सकता है। नए चेहरे के तौर पर फिलहाल सबसे मजबूत दावेदारी आगरा की है। आगरा से नए चेहरे को मौका मिलना तय है।

इनका बढ़ सकता है कद

जातीय समीकरण और एससी-एसटी एक्ट के विरोध के बाद बने हालातों के लिहाज से आगरा से ब्राह्मण चेहरे को जगह मिलने की प्रबल संभावना है। इस लिहाज से आगरा दक्षिण से विधायक योगेंद्र उपाध्याय को नए चेहरे के तौर पर समायोजन में जगह मिल सकती है। इसकी एक बड़ी वजह एससी चेहरे के तौर पर पहले से ही राम शंकर कठेरिया का होना भी है। वहीं मथुरा-वंदावन पर सरकार की खास निगाह और यहीं के देवकी नंदन ठाकुर द्वारा एससी-एसटी एक्ट का विरोध करने बाद बने हालातों को कंट्रोल करने के लिए पार्टी यहां से एक मंत्री का कद बढ़ाएगी। इस रेस में सबसे मजबूत दावेदारी ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा की है। माना जा रहा है कि ऊर्जा विभाग के कामकाज और ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड के गठन से लेकर लगातार उनकी सक्रियता से पार्टी आला कामान खुश है और संगठन के प्रति निष्ठा की कसौटी पर वह फिट बैठते हैं, इस लिजाज से श्रीकांत का कद बढ़ सकता है।

प्रदेश महामंत्री (संगठन) ने सौंपी रिपोर्ट

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में आयोजित हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी से पहले प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल सभी क्षेत्रीय महामंत्री (संगठन) से इस संबंध में चर्चा कर चुके हैं। साथ ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद दिल्ली में पार्टी के हाईकमान ने प्रदेश महामंंत्री (संगठन) सुनील बंसल से इस बारे में रिपोर्ट ले ली है। अब माना जा रहा है कि शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी में भी इस संबंध में चर्चा होगी। माना जा रहा है कि सितंबर अंत तक यह फेरबदल हो जाएगा।

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